सेंट्रलाइज्ड डाटा प्रबंधन

दिसम्बर 2014, “राजकोष”, सरकारी रसीद हेतु पोर्टल का उद्घाटन वित्त विभाग द्वारा किया गया है। इस वेबसाईट के माध्यम से नेट-बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड की मदद से लोग सरकारी बकाया राशि, परीक्षा शुल्क, आदि जमा कर सकते हैं। जमाकर्ता चालान सृजित करके बैंक काउंटर पर राशि जमा कर सकते हैं।

केंद्रीकृत डाटा प्रबंधन पर कार्य करना :

विकेंद्रीकृत कार्यप्रणाली के कारण, निम्न कारणों के चलते विभाग एप्लिकेशन को चलाने में निरंतर दिक्कतें आ रही थी :

  • कोषागर सॉफ्टवेयर में बदलाव करने पर, उसे 78 विभिन्न स्थानों (कोषागारों) में लागू करना पड़ता था।
  • केंद्रीकृत आवेदन के माध्यम से किए गए बजट आवंटन को 78 विभिन्न स्थानों पर प्रसारित करने की आवश्यकता थी और वे वास्तविक समय के आधार पर कोषागार में उपलब्ध नहीं थे।
  • कोषवाणी वेबसाईट का डाटा 78 जगहों से लेना था, पर वास्तविक समय डाटा उपलब्ध नहीं होता था।
  • संबंधित कोषागारों द्वारा प्रथक एनएसडीएल सब्सक्राईबर मास्टर फाईल को अपलोड करना।
  • वित्त विभाग के लिए आउटपुट तैयार करने के लिए, प्रत्येक माह हर कोषागार से एफएसडी द्वारा मासिक इंपुट फाईल संग्रहित करना।
  • बजट मास्टर फाईल, सप्लीमेंट्री बजट फाईल को सभी कोषागारों तक भेजना, जो उनके द्वारा अपलोड की जानी होती है।
  • एजी जीपीएफ मास्टर फाईलों को सभी कोषागारों में प्रेषित किया जाना होता था, जो प्रत्येक द्वारा अपलोड करना पड़ता था।
  • हार्डवेयर के दृष्टिकोण से, स्टैंडलोन सर्वर, ओ.एस., डीबीएमएस एवं डाटाबेस का विभिन्न 78 जगहों पर रखरखाव करना मुश्किल हो रहा था।

उक्त सभी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया कि, एक केंद्रीकृत-सर्वर की स्थापना की जाए, जिससे विभिन्न 78 कोषागारों में सॉफ्टवेयर/डेटाबेस में वास्तविक समय बदलाव/अपडेशन में कोई समस्या न उत्पन्न हो। इसलिए, मिशन मोड प्रोजेक्ट के तहत, एनआईसी, योजना भवन, लखनऊ में कोषागार एप्लीकेशन के लिए एक केंद्रीकृत सर्वर की स्थापना की गई। इसके अतिरिक्त वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय (एफएसडी), जवाहर भवन, लखनऊ में एक और बैकअप सर्वर की स्थापना की गई जो कोषागार के डाटा का बैकअप रख सके। अभी तक 24 कोषागारों को केंद्रीकृत सर्वर पर कार्यान्वित किया जा चुका है।